गंगाजल पवित्र क्यों है
kyo ganga jal ko pavitra maana jata hai

गंगा जल पवित्र क्यों माना गया है ?

हिन्दू धर्मं में गंगा जल को सबसे पवित्र एवं  शुद्ध माना  गया है आखिर क्या कारण है, आइये जानते है |

kyo pavitra hai gangajal

शिव की जटाओं से आगमन  : हिन्दू धर्मं में गंगा माँ को नदी के रूप  में देखा व पूजा जाता है | यह भारत की सबसे पवित्र एवं शुद्ध नदी है जिसका उद्गम स्थल गंगोत्री है | और यह भगवान् शिव  की जटाओं  से निकल कर  धरती पर आती है १ यह भी कारण है कि यह पवित्र है |

माँ का स्थान : गंगा को  माँ का दर्जा दिया गया है | इसका जल कभी भी ख़राब नही संग्रहित रखेंगे तब भी कभी यह अशुद्ध नही होगा और न ही इसमें कोई कीड़े होंगे |

पूजा में महत्व: किसी भी छोटी या बड़ी पूजा , अनुष्ठान में बिना गंगा जल के पूजा अधूरी मानी जाती है  जल को भगवान व पास छिड़ककर शुद्ध  किया जाना जरुरी है अर्थात  बिना गंगा जल के तो पूजा भी अधूरी है तो सोचिये यह कितना पवित्र है |

विकारो से छुटकारा :दमा ,जीर्ण ज्वर ,तपेदिक इत्यादि रोग जल के सेवन से दूर होते है | मुहासे ,खुजली जैसी बिमारियाँ  गंगा जल से नहाने  से दूर होती है |इसे वैज्ञानिक भी मान चुके है |

गंगाजल किसी मरते हुई व्यक्ति को पिलाया जाये तो माना  जाता है की इससे स्वर्ग की प्राप्ति होती है |  एवं पिंड दान भी इसी नदी में किया जाता है |

गंगा का आह्ग्मन धरती पर भागीरथ  के कारण हुआ था इसीलिए इसे भागीरथी भी कहा जाता है |हिन्दू  धर्मं में पूजा -अर्चना , किसी शुभ कार्य में गंगाजल का  उपयोग प्राचीन काल से ही होता आ रहा है एवं यह सभी पापो को नष्ट करती है |

गंगा जल में लगायी गयी एक दुबकी सहस्त्र पापो को नष्ट कर  देती है इसी कारन गंगा किनारे भक्तो का जमावड़ा लगा रहता है साथ ही स्नान करने से इस नदी में पाए जाने वाले अच्छे बेक्टेरिया शरीर  के विकारो को भी दूर करते है |

 

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